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थीम पार्क की सैर

शुक्रवार, २४ अप्रैल २०१५, 22:12PM IST

कल इतना मज़ा आया कि क्या बताऊँ!

सचमुच ऐसे लग रहा था कि कहीं मैं हवा में तो नहीं उड़ रही हूँ? आज मैं ऊपर … आसमान नीचे… मैं जमीं पर हूँ या फिर नीचे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। इसका कारण था - थीम पार्क की सैर! कल मैं अपने स्कूल में इतनी जल्दी पहुँच गई कि वहाँ पर कोई भी नहीं था। अपने दोस्तों की राह देख ही रही थी, इतने में हमारे टीचर आ पहुँचे और वे कहने लगे, "तुम यहाँ क्या कर रही हो? ग्राउंड पर तुम्हें ही सब ढूँढ़ रहे है।"

अब मेरी समझ आया कि मैंने क्या गलती की है।

हमारी बस ठीक समय पर थीम-पार्क पहुँची। शीला की तबीयत बिगड़ गई थी। मैं उसके साथ ही थी। लेकिन हमारे पीटी टीचरने मुझसे कहा जाऔ मैं उसका ख्याल रखूँगा।

सबसे पहले तो मैंने बम्पर कार और फ्लाइंग जेट की सवारी की। फिर वेव पूल, अद्भुत झरना, पानी के अन्दर होने वाला नृत्य, विशाल और गति वाला स्लाइड और हॉरर हाउस की भी सैर की। हॉरर हाउस में कुछ डरवाने जैसी बात ही नहीं थी। सबकुछ जो हम फिल्मों में देखते हैं वैसा ही था। मुझे बिल्कुल भद्दा लगा था, डर नहीं लगा। हाँ, नाचने में बहुत मज़ा आया। क्या आप भी नाचते हैं?

वहाँ पर एक लॉन और उपहार की दुकान भी थी। वहाँ के समोसे बहुत बढ़िया थे। वापस आने का मन ही नहीं कर रहा था। लेकिन घर भी तो लौटना था … मैंने कई तस्वीरें भी खींची … उसमें मेरी दायीं तरफ रमा है और बायीं तरफ स्मिता है … देखो कैसे हँस रही है…! क्या अापने कभी इतनी भद्दी तस्वीर देखी है?

सचमुच फिर से जाने को जी कर रहा है … फिर से … आज मैं ऊपर … !!!

- रोहिणी परूलेकर